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माँ की जादुई छाँव

✍️ लेखन: हेमंत कुमार मेघवाल

माँ की जादुई छाँव

 

बड़ी ही जादुई होती है

माँ से जुड़ी है हर चीज़

हर दर्द की दवा होती है

जैसे माँ की गोद

हर डर से बचने का साधन होता है

जैसे माँ का आँचल

हर आँसू को झेलने के लिए तैयार होती है

जैसे माँ की हथेलियाँ

और बस इतना ही नहीं

हमारे हर दुःख को अपनाने के लिए

हमेशा तैयार रहता है

माँ का असीम, विशाल हृदय ।

 

स्रोत : नवपल्लव के लिए हेमंत कुमार मेघवाल द्वारा चयनित कविताओं में से एक कविता। 


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