कृपया प्रतीक्षा करें...
✍️ लेखन: हेमंत कुमार मेघवाल
जमीं पर स्वर्ग
कभी बैठकर अपने माँ-बाप के पास दो दिल की
बात कर लेना
मिल जाए मोबाइल की दुनिया से फुर्सत
तो एक दिन उनके लिए जी लेना
मैं सच कहता हूँ
तुम्हें उनकी बातों से कुछ न कुछ सीखने को
ज़रूर मिलेगा
वो कहानियाँ, वो अनुभव तुम्हारे जीवन का
रास्ता रोशन कर देगा
जब तुम बैठोगे उनके पास
तो तुम्हारी मां का चेहरा जरूर खिल जाएगा
उनकी आँखों में वो सुकून झलकेगा
जो किसी मंदिर में भी तुम्हें
कभी नहीं मिल पाएगा
वो मुस्कान, वो दुआएँ
तुम्हारे जीवन की असली पूँजी बन जाएँगी
उनकी हँसी में ही तो सारी परेशानियाँ
धुँधली पड़ जाएँगी
तो अपने माँ-बाप को खुश रखना हमेशा
क्योंकि उनकी खुशियों में ही
तुम्हारा संसार बसता है
अगर उनका दिल न दुखे
उनका चेहरा मुस्कराए सदा
तो यकीन मानो इसी ज़मीं पर स्वर्ग बसता है ।
स्रोत : नवपल्लव के लिए हेमंत कुमार मेघवाल द्वारा चयनित कविताओं में से एक कविता।
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