कृपया प्रतीक्षा करें...
✍️ लेखन: हेमंत कुमार मेघवाल
बचपन
मैं लौट जाना चाहता हूँ
उस बचपन के प्यारे दौर में;
जहाँ नहीं था चिंताओं से कोई सरोकार हमारा
नहीं थी समय की हम पर कोई धारा
नहीं था क्रोध का कोई नाम वहाँ पर
नहीं था किसी से कोई बैर जहाँ पर
हाँ, मैं लौट जाना चाहता हूँ
उस बचपन की प्यारी दुनिया में
जहाँ नहीं था कुछ भी सीमाओं के घेरे में ।
स्रोत : नवपल्लव के लिए हेमंत कुमार मेघवाल द्वारा चयनित कविताओं में से एक कविता।
Start typing and press Enter to search